श्री क्षेत्र महाबळेश्वर पंचगंगा मंदिर
पंचगंगा मंदिर यह महाराष्ट्र के सातारा जिला मे महाबळेश्वर से ६ किलोमीटर के पास श्री क्षेत्र महाबळेश्वर इस जगह है। इस जगह की उचाई समुद्र के स्तर से साधारण १३७२ मीटर इतनी है।
पंचगंगा यह मंदिर साधारण ४५०० साल पहले का पुराना है। इस मंदिर का महत्व यानिकि इस जगह पांच नदियोंका जन्म यानिकि प्रारंभ हुआ है इस वजह से इस मंदिर को पंचगंगा मंदिर यह नाम दिया गया है।
इस पंचगंगा मंदिर हे कृष्णा , वेण्णा , कोयना , सावित्री , गायत्री इस नदियोंका पवित्र संगम किया गया है। ईन पाचोही नदियोंका पानी एकसाथ आकर गोमुख से कुंड में गिरता है। इस के अतिरिक्त इस जगह भागीरथी ओर सरस्वती यह दो नदिया गुप्त है। भागीरथी नदी हर १२ साल ओर सरस्वती नदी हर साठ साल कृष्णा नदीको मिलने आती है।
प्राचीन कहानी के अनुसार इस जगह ब्रम्हा , विष्णु , महेश , सावित्री , ओर गायित्री यिन देवताओंका जलरूप मे उगम होनेका कहा जाता है।
पंचगंगा मंदिर के पीछे कृष्णाबाई नामका मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण कोकण के राजे रत्नागिरी ओण द्वारा १८८८ हे किया था। इस मंदिर में कृष्ण भगवान की मूर्ति आवर शिवलिंग है।
इस मंदिर में छोटासा झरना गोमुख से कुंड में गिरता है।
इस मंदिर का निर्माण पूर्णरूपसे पत्थर में किया गया है। इस नदीका सुन्दर दृश्य देखनेको मिलता है।
पंचगंगा यह मंदिर साधारण ४५०० साल पहले का पुराना है। इस मंदिर का महत्व यानिकि इस जगह पांच नदियोंका जन्म यानिकि प्रारंभ हुआ है इस वजह से इस मंदिर को पंचगंगा मंदिर यह नाम दिया गया है।
इस पंचगंगा मंदिर हे कृष्णा , वेण्णा , कोयना , सावित्री , गायत्री इस नदियोंका पवित्र संगम किया गया है। ईन पाचोही नदियोंका पानी एकसाथ आकर गोमुख से कुंड में गिरता है। इस के अतिरिक्त इस जगह भागीरथी ओर सरस्वती यह दो नदिया गुप्त है। भागीरथी नदी हर १२ साल ओर सरस्वती नदी हर साठ साल कृष्णा नदीको मिलने आती है।
प्राचीन कहानी के अनुसार इस जगह ब्रम्हा , विष्णु , महेश , सावित्री , ओर गायित्री यिन देवताओंका जलरूप मे उगम होनेका कहा जाता है।
पंचगंगा मंदिर के पीछे कृष्णाबाई नामका मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण कोकण के राजे रत्नागिरी ओण द्वारा १८८८ हे किया था। इस मंदिर में कृष्ण भगवान की मूर्ति आवर शिवलिंग है।
इस मंदिर में छोटासा झरना गोमुख से कुंड में गिरता है।
इस मंदिर का निर्माण पूर्णरूपसे पत्थर में किया गया है। इस नदीका सुन्दर दृश्य देखनेको मिलता है।
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| Panchganga Mandir | Tempal | पंचगंगा मंदिर |
- कृष्णा नदी महाराष्ट्र , कर्णाटक , आंध्र प्रदेश ऐसी यात्रा करके साधारण १३०० कि.मी का अंतर पर करके बंगाल के उपसागर को मिलती है।
- वेण्णा नदी संगम माहुली जगह पे कृष्णा नदीको मिलती है।
- कोयना नदी तपोला , येरवले ऐसी यात्रा करके करद में कृष्णा नदीको मिलती है।
- सावित्री नदी महाबळेश्वर शुरू होकर पच्छिम की ओर पोलादपुर , महाड , माणगाव , श्रीवर्धन ऐसी यात्रा करके हरिहेश्वर यहाँ अरबी समुन्दर को मिलती है।
- गायित्री नदी भी कृष्णा नदीको मिलती हैँ।
अगर आप कभी महाबळेश्वर आवर पंचगनी इस जगह आतेहो तो पंचगंगा मंदिर को अवश्य भेट दे।
अगर आपको इस जगह आना होगा तो यातायात मार्ग इस प्रकार।
बस मार्ग।
वाई सातारा से महाबळेश्वर ३२ किलोमीटर है।
सातारा शहर से ४५ किलोमीटर है।
मुंबई , पुणे , सांगली , कोल्हापुर ओर सातारा से प्रायवेट बस आवर MSRTC के बस हर रोज उपलब्ध होती है।
रेलवे मार्ग।
नजदीक रेलवे स्टेशन इस प्रकार
सातारा ६० किलोमीटर
खेड ६० किलोमीटर
पुणे १२० किलोमीटर
मुंबई २७० किलोमीटर
हवाई मार्ग।
पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा १२० किलोमीटर
मुंबई अंतरराष्ट्रीय विमानतळ २७० किलोमीटर
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